भगवान शिव और ब्रह्मांड से जुड़ी छोटी सी जानकारी

नमस्कार दोस्तों मैं दीपक शर्मा स्वागत करता हूं अपने चैनल






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आज का टॉपिक है भगवान शिव ब्रह्मांड से जुड़ी छोटी सी जानकारी

जब कभी हम आकाश की ओर देखते हैं तो हम सोचते हैं किसको किसने बनाया ब्रह्मांड की उत्पत्ति कैसे हुई हमारी उत्पत्ति कैसे हुई अगर हम अपने ग्रंथों का वैज्ञानिक विश्लेषण करेंगे तो हमें इनका जवाब जरूर मिलेगा हिंदू धर्म की शुरुआत शिव से होती है मगर यह शिव है क्या शिव है कौन क्या वह भगवान है जिसने हमें बनाया तो फिर शिव को किसने बनाया शिव कहां से आए इस प्रश्न का जवाब भी हमें हमारे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है एक बार की बात है एक साधु ने शिव से पूछा कि आप के पिता कौन है उस समय भगवान शिव ने उत्तर दिया ब्रह्मा मेरे पिता है साधु ने फिर पूछा आपके दादा कौन हैं विष्णु मेरे दादा है साधु ने पूछा कि आप के परदादा कौन है तो शिव ने कहा मैं खुद ही अपना परदादा हूं इस कहानी को अगर हम देखें तो यह पता चलता है कि ना तो इस कहानी का कोई अंत है ना ही कोई उत्पत्ति जहां से शुरू हुई वहीं खत्म और फिर शुरू अगर हम विज्ञान की ओर से देखें तो हमारे ब्रह्मांड की उत्पत्ति एक छोटे बिंदु से हुई है जिसमें अचानक ही विस्फोट हुआ और हमारी सृष्टि बनी और अलग-अलग ब्रह्मांड बने सौरमंडल बने और अभी भी बन रहे हैं फिर यह बात सोचने में आती है किस बिंदु से पहले था क्या मारा विज्ञान हमें बताता है किस बिंदु से पहले कुछ भी नहीं था बिल्कुल खाली कुछ भी नहीं था वह ० था वह 0 स्वयं भगवान शिव ही थे जो प्रकाश में था वह 0 जिसे कोई खत्म नहीं कर सकता हमारा विज्ञान भी यही मानता है की कोई भी चीज कुछ नहीं से आई है और कुछ मैं ही खत्म हो जाएगी का मतलब है इस ब्रह्मांड में कोई भी चीज कोई भी वस्तु भगवान शिव से ही आई है और शिव में ही मिल जाएगी भगवान शिव पूरे ब्रह्मांड में है जिनका कोई अंत नहीं वह अनंत है जिनका कोई आकार नहीं वह निराकार है अगर हिंदू धर्म की ओर से देखा जाए तो शिव ही ब्रह्मांड है और विज्ञान की ओर से देखा जाए यूनिवर्स है अगर किसी विज्ञानिक से पूछा जाए कि ऊर्जा क्या है तो वह जवाब देगा कि हम नाही ऊर्जा को बना सकते हैं ना उसे खत्म कर सकते हैं सिर्फ उसका रूप बदल सकते हैं हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी है साफ-साफ लिखा है कि ना ही भगवान शिव को बनाया जा सकता है ना ही उन्हें खत्म किया जा सकता है ऊर्जा के कई रूप हैं उदाहरण के लिए जब हमारी मृत्यु होती है तो हमारी आत्मा हमारे प्राण शरीर से निकल जाते हैं तब हमारा शरीर सब बन जाता है इसीलिए कहते हैं भगवान शिव हम सबके अंदर हैं हमारे प्राचीन ग्रंथों में हर समस्या का हल है विज्ञानिक भी जब कभी उलझ जाते हैं किसी चीज के लिए तब वह हमारे ग्रंथों को देखते हैं उस ग्रंथ के हिसाब से कुछ अपनी समस्याएं भी हल करते हैं हमारे ग्रंथों में हर समस्या का हल है  

         धन्यवाद


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